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तेज हवा के साथ बारिश में गिरी मक्का की फसल

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गंजमुरादाबाद। तेज हवा के साथ हुई बारिश से खेतों में खड़ी मक्का की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। जमीन में नमी और हवा से पौधे गिरने से पैदावार प्रभावित होने की आशंका से किसान परेशान हैं।
मानसून समाप्ति के बाद हुई बारिश ने मक्का व धान की फसलों में जान फूंक दी थी लेकिन शनिवार को चली तेज हवा व झमाझम बरसात ने खेतों में खड़ी फसलों को गिरा दिया। जिससे किसानों को भारी नुकसान पहुंचा है। किसानाें का कहना है कि इस बार मुनाफे की उम्मीद थी लेकिन बेमौसम की बरसात ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया।
आलू की गड़ाई के लिए खेत सूखने का इंतजार
गंजमुरादाबाद। क्षेत्र में किसान आलू की दो फसलें तैयार कर अच्छा मुनाफा कमाते हैं। पहली फसल की बुवाई 15 सितंबर से शुरू होकर 25 सितंबर तक होती है। ये नवंबर के अंतिम या दिसंबर के पहले सप्ताह में तैयार हो जाती है। आलू की नई फसल का बाजार में अच्छा भाव मिल जाता है। दूसरी फसल की गड़ाई पहली फसल के एक सप्ताह के अंदर ही शुरू कर देते हैं जो मार्च में तैयार हो जाती है। इस समय पहली फसल की बुआई का समय शुरू हो गया है। जोरदार बारिश से लबालब हुए खेतों के सूखने का किसान इंतजार कर रहे हैं। दो-तीन दिन में आलू की गड़ाई शुरू हो जाएगी। सहायक विकास अधिकारी कृषि देवी सिंह ने बताया कि मौसम अनुकूल रहा तो इस वर्ष आलू की अच्छी पैदावार होने की उम्मीद है। (संवाद)

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गंजमुरादाबाद। तेज हवा के साथ हुई बारिश से खेतों में खड़ी मक्का की फसल को काफी नुकसान पहुंचा है। जमीन में नमी और हवा से पौधे गिरने से पैदावार प्रभावित होने की आशंका से किसान परेशान हैं।

मानसून समाप्ति के बाद हुई बारिश ने मक्का व धान की फसलों में जान फूंक दी थी लेकिन शनिवार को चली तेज हवा व झमाझम बरसात ने खेतों में खड़ी फसलों को गिरा दिया। जिससे किसानों को भारी नुकसान पहुंचा है। किसानाें का कहना है कि इस बार मुनाफे की उम्मीद थी लेकिन बेमौसम की बरसात ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया।

आलू की गड़ाई के लिए खेत सूखने का इंतजार

गंजमुरादाबाद। क्षेत्र में किसान आलू की दो फसलें तैयार कर अच्छा मुनाफा कमाते हैं। पहली फसल की बुवाई 15 सितंबर से शुरू होकर 25 सितंबर तक होती है। ये नवंबर के अंतिम या दिसंबर के पहले सप्ताह में तैयार हो जाती है। आलू की नई फसल का बाजार में अच्छा भाव मिल जाता है। दूसरी फसल की गड़ाई पहली फसल के एक सप्ताह के अंदर ही शुरू कर देते हैं जो मार्च में तैयार हो जाती है। इस समय पहली फसल की बुआई का समय शुरू हो गया है। जोरदार बारिश से लबालब हुए खेतों के सूखने का किसान इंतजार कर रहे हैं। दो-तीन दिन में आलू की गड़ाई शुरू हो जाएगी। सहायक विकास अधिकारी कृषि देवी सिंह ने बताया कि मौसम अनुकूल रहा तो इस वर्ष आलू की अच्छी पैदावार होने की उम्मीद है। (संवाद)

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