Home उत्तर प्रदेश हाईकोर्ट : मुख्य सूचना आयुक्त उत्तर प्रदेश को अपील तय करने का...

हाईकोर्ट : मुख्य सूचना आयुक्त उत्तर प्रदेश को अपील तय करने का आदेश

0
147

[ad_1]

अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 16 Feb 2022 01:14 AM IST

सार

याची का कहना है कि बाबा सुक्खू मां प्रभू देवी इंटर कालेज गोल्हागौर जौनपुर की प्रबंध समिति ने चारागाह व कब्रगाह की जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया है। प्रबंधक आशा देवी जब ग्राम प्रधान थी,उसी समय से सार्वजनिक जमीन पर प्राइवेट कालेज बना लिया है।

ख़बर सुनें

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मुख्य सूचना आयुक्त उत्तर प्रदेश लखनऊ को विचाराधीन द्वितीय अपील तय करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि अगर वह अपील तय नही कर सकते हैं तो उन्हें 22 फरवरी को हाजिर होना होगा। यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ ने जौनपुर के चंद्र प्रताप की याचिका पर दिया है।

याची का कहना है कि बाबा सुक्खू मां प्रभू देवी इंटर कालेज गोल्हागौर जौनपुर की प्रबंध समिति ने चारागाह व कब्रगाह की जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया है। प्रबंधक आशा देवी जब ग्राम प्रधान थी,उसी समय से सार्वजनिक जमीन पर प्राइवेट कालेज बना लिया है। कालेज मान्यता प्राप्त है। इस कालेज के लिए विधायक से 30 लाख रुपये भी स्वीकृत करा लिए हैं।

याची ने चारागाह भूमि पर अवैध कब्जा करने की शिकायत की। हाईकोर्ट ने तहसीलदार को धारा 67 राजस्व संहिता के तहत कार्यवाही करने का निर्देश दिया था। तहसीलदार ने बेदखली का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने अपील खारिज कर दी। इसके खिलाफ याचिका भी खारिज हो गई। जिसे सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दाखिल कर चुनौती दी गई है।

सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी कर तथा स्थिति कायम रखने का आदेश दिया है। याची ने आरटीआई के जरिए जिला विद्यालय निरीक्षक जौनपुर से एसएलपी में जवाब दाखिल करने के लिए केस की जानकारी मांगी। एक माह तक जानकारी नहीं मिलने पर अपील दाखिल की। उसे भी तय नहीं किया गया तो द्वितीय अपील दाखिल की गई है।

मुख्य सूचना आयुक्त ने भी अपील तय नहीं की तो यह याचिका दायर की गई है। हाई कोर्ट ने सरकारी वकील से जानकारी प्राप्त कर बताने से लिए कहा है। जानकारी न मिलने पर मुख्य सूचना आयुक्त को तलब किया है।

यह भी पढ़ें -  Allahabad High Court :  हाईकोर्ट ने भाई की हत्यारे की सजा को कम कर रिहाई का दिया आदेश

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मुख्य सूचना आयुक्त उत्तर प्रदेश लखनऊ को विचाराधीन द्वितीय अपील तय करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा है कि अगर वह अपील तय नही कर सकते हैं तो उन्हें 22 फरवरी को हाजिर होना होगा। यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ ने जौनपुर के चंद्र प्रताप की याचिका पर दिया है।

याची का कहना है कि बाबा सुक्खू मां प्रभू देवी इंटर कालेज गोल्हागौर जौनपुर की प्रबंध समिति ने चारागाह व कब्रगाह की जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया है। प्रबंधक आशा देवी जब ग्राम प्रधान थी,उसी समय से सार्वजनिक जमीन पर प्राइवेट कालेज बना लिया है। कालेज मान्यता प्राप्त है। इस कालेज के लिए विधायक से 30 लाख रुपये भी स्वीकृत करा लिए हैं।

याची ने चारागाह भूमि पर अवैध कब्जा करने की शिकायत की। हाईकोर्ट ने तहसीलदार को धारा 67 राजस्व संहिता के तहत कार्यवाही करने का निर्देश दिया था। तहसीलदार ने बेदखली का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने अपील खारिज कर दी। इसके खिलाफ याचिका भी खारिज हो गई। जिसे सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दाखिल कर चुनौती दी गई है।

सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी कर तथा स्थिति कायम रखने का आदेश दिया है। याची ने आरटीआई के जरिए जिला विद्यालय निरीक्षक जौनपुर से एसएलपी में जवाब दाखिल करने के लिए केस की जानकारी मांगी। एक माह तक जानकारी नहीं मिलने पर अपील दाखिल की। उसे भी तय नहीं किया गया तो द्वितीय अपील दाखिल की गई है।

मुख्य सूचना आयुक्त ने भी अपील तय नहीं की तो यह याचिका दायर की गई है। हाई कोर्ट ने सरकारी वकील से जानकारी प्राप्त कर बताने से लिए कहा है। जानकारी न मिलने पर मुख्य सूचना आयुक्त को तलब किया है।

[ad_2]

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here