नई दिल्ली। दिल्ली का जंतर-मंतर कोई प्रदर्शन स्थल नहीं है… दिल्ली में लंबे समय से जंतर-मंतर पर CJP और कई सारे संगठन प्रदर्शन कर रहे हैं। ऐसे में लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। दिल्ली पुलिस का कहना है कि जंतर-मंतर अब निर्धारित प्रदर्शन स्थल नहीं रहेगा। सोमवार को जंतर-मंतर को आधिकारिक प्रदर्शन स्थल की सूची से हटा दिया। गृह मंत्रालय की ओर से गठित समिति की सिफारिशों के आधार पर यह फैसला लिया गया है।
दिल्ली पुलिस के आदेश के मुताबिक, नागरिकों के विरोध-प्रदर्शन के अधिकार के लिए मौजूदा निर्धारित स्थल के विकल्प तलाशने के उद्देश्य से गृह मंत्रालय ने एक समिति गठित की थी। समिति की सिफारिशों के बाद जंतर-मंतर को प्रदर्शन स्थल के रूप में डी-नोटिफाई किया गया है।
दिल्ली पुलिस ने विरोध-प्रदर्शन के लिए तीन नए स्थान निर्धारित किए हैं। इनमें रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली का CBD ग्राउंड शामिल हैं। इन स्थानों पर प्रदर्शन आयोजित करने के लिए विस्तृत और संशोधित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) अलग से जारी की जाएगी। यह आदेश 28 अप्रैल 2022 के पुराने स्टैंडिंग ऑर्डर में आंशिक संशोधन करता है।
जंतर-मंतर लंबे समय से दिल्ली में विभिन्न मुद्दों को लेकर होने वाले विरोध-प्रदर्शनों का प्रमुख केंद्र रहा है। हाल के दिनों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) समेत विभिन्न समूहों के प्रदर्शन की कोशिशों के बीच दिल्ली में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर भी पाबंदियां लगाई गई थीं।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने 12 अक्टूबर को नई दिल्ली और मध्य दिल्ली में संभावित यातायात बाधाओं को लेकर भी एडवाइजरी जारी की है। इसमें करीब 30 स्थानों पर जरूरत के मुताबिक यातायात डायवर्जन या प्रतिबंध की संभावना जताई गई है।
ट्रैफिक एडवाइजरी के मुताबिक धौला कुआं फ्लाईओवर, झंडेवालान, पंचकुइयां, कनॉट प्लेस, मंडी हाउस, पटेल चौक, लोधी रोड फ्लाईओवर, भीकाजी कामा प्लेस और मोती बाग फ्लाईओवर समेत कई प्रमुख स्थानों पर यातायात प्रभावित हो सकता है।
इसके अलावा जंतर-मंतर रोड, अशोक रोड, संसद मार्ग और टॉल्स्टॉय मार्ग जैसे रास्तों पर भी यात्रियों को देरी या रूट में बदलाव का सामना करना पड़ सकता है। ट्रैफिक डायवर्जन की व्यवस्था मौके की स्थिति के आधार पर लागू की जा सकती है।








